Song 3 जो इश्क में मेरा खुदा हुआ है..
जो इश्क में मेरा खुदा हुआ है,
वो हर शख्स मुझसे खफ़ा हुआ है…….१
बेशक तू दूर गया है मुझसे,
मगर जो वक्त बीता तेरे संग
वो अब तक मुझसे जुड़ा हुआ है……..२
लाख कोशिशें की मुझपे सितम ढाने की,
मगर मेरी रूह में अब तक तू बसा हुआ है……….३
देखता हूँ कौन तुमको मुझ सा ही चाहेगा,
मेरी हर साँस में हर लम्हा तू महका हुआ है………४
जी रहे हो तुम भरम में अब तलक बेशक,
मैं भी जानता हूँ नाम मेरा तेरे दिल में जमा हुआ है…..५
लौट कर आओगे एक दिन देख लेना तुम,
बस इसी बात पे भरोसा मेरा टिका हुआ है…….६
नाम मेरा भूल जाओ बेशक तुम,
मगर तेरा नाम मेरी रूह में वैसा ही रमा हुआ है…….७
कौन कितनी कदर करता है ये भी जान जाओगे,
बस इसी बात का तो मुझको खुद पे गुमान हुआ है…..८
तुम भी सोचोगे मोहब्बत की इबारत को,
हर आयत में इश्क तेरा इस कदर मैने लिखा हुआ है….९
बीती बातें सोचने का वक्त न मिल पायेगा,
कुछ ऐसे ही हालात से तेरा सनम गुजरा हुआ है…..१०
मान जाओगे मेरी मोहब्बत को एक दिन तुम भी,
अब तलक वफ़ाओं पे मेरा यकीन ठहरा हुआ है…….११
हो सके तो लौट आना आगोश में एक दफा फिर से,
तेरा ही हूँ, तेरी खातिर सारा जहाँ छोड़ा हुआ है…..१२
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