Song 11 तेरी गीली-गीली जुल्फें..

तेरी गीली-गीली जुल्फें
जुल्फों से टपकता पानी
कह रही हो जैसे
मेरी प्यास की कहानी……….1
कभी शाम को मिलो तुम
मैं तुझमें सिमट जाऊँ
तुम मुझसे लिपट जाओ
कोई बन्दिशें न लगाना
करने दो मुझे मनमानी………..2
मेरे चेहरे पे तुम बिछा दो
भीगी जुल्फों की ये रवानी
मुझे भीग जाने दो बेशक
कर दो मुझपे इतनी मेहरबानी…….3
सर्द रातों को ख्वाबों में
आखिर मिलेँगे कबतक
एक रोज आ भी जाओ
होकर मेरे इश्क की दीवानी………4
न मुझको तुम सताओ
अब और न रुलाओ
मैं कितना तड़प रहा हूँ
देखकर सँग-ए-मरमर सी तेरी जवानी…….5

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