Song 5 जरूरी तो नहीँ
ज़रूरी तो नहीँ कि हर रात नीँद आ जाये,
कुछ रातें खुली आँखे लिये सपनों की चादर तले रहती हैँ......१
जरूरी तो नहीँ कि हर सुबह ओस लब-ऐ-गुल को सहलाये,
कुछ सुबहों की जरा सी धूप भी जी भर के मजा देती है.......२
कुछ सुबहों की जरा सी धूप भी जी भर के मजा देती है.......२
जरूरी तो नहीँ कि सारा आसमाँ चाँदनी से ही निखर जाये,
कुछ बदलियाँ सितारोँ की रोशनी से ख़ुद ही सँवर लेती हैँ......३
कुछ बदलियाँ सितारोँ की रोशनी से ख़ुद ही सँवर लेती हैँ......३
जरूरी तो नहीँ कि नर्म लहज़ा हर किसी को भा जाये,
अपनापन लिये वो तल्खियाँ भी अज़ीज लगती हैँ..........४
अपनापन लिये वो तल्खियाँ भी अज़ीज लगती हैँ..........४
जरूरी तो नहीँ कि हर रिश्ते में खिलखिलाहटें नजर आयें,
कुछ रिश्ते उम्र भर झगड़ते हुये भी मुक़म्मल रहते हैँ.........५
कुछ रिश्ते उम्र भर झगड़ते हुये भी मुक़म्मल रहते हैँ.........५
जरूरी नहीँ कि सहूलियतें ज़िन्दगी बेहतर बना देती हैँ,
किसी अपने के लिये दुश्वारियाँ भी जीने का मजा देती हैँ.....६
किसी अपने के लिये दुश्वारियाँ भी जीने का मजा देती हैँ.....६
जरूरी नहीँ कि बेसबब हुस्न ही नजदीकियाँ बढ़ाये,
इश्क़ सच्चा हो तो खामियाँ भी तलब इश्क़ की बढ़ा देती हैँ.....७
इश्क़ सच्चा हो तो खामियाँ भी तलब इश्क़ की बढ़ा देती हैँ.....७
ज़रूरी नहीँ कि ज़िस्म की खूबियाँ ही यार को क़रीब लाये,
इफ़्फ़त-ऐ-नज़र तो हिज़ाब में भी मोहब्बत क़माल करती है....८
इफ़्फ़त-ऐ-नज़र तो हिज़ाब में भी मोहब्बत क़माल करती है....८
ज़रूरी तो नहीँ कि वक्त के साथ हर इंसान बदल जाये,
कुछ इन्सान उम्र भर न बदलकर भी खुशियाँ दे जाते हैँ........९
कुछ इन्सान उम्र भर न बदलकर भी खुशियाँ दे जाते हैँ........९
Comments
Post a Comment