Song इतना आसान भी नहीँ..
इतना आसान भी नहीँ
जाम होंठों से लगा लेना,
सुकून गिरवीं रखना पड़ता है
किसी की याद में पीने के लिये........१
इतना आसान भी नहीँ है
इतना आसान भी नहीँ है
किसी की चाह में खुद को मिटा देना,
नींदे तबाह करनी पड़ती हैँ
किसी के इश्क़ में फ़ना होने के लिये......२
इतना आसान भी नहीँ है
इतना आसान भी नहीँ है
यार का हमराह हो जाना,
ख़ुद को खो देने पड़ता है
किसी की रूह में उतरने के लिये........३
इतना आसान भी नहीँ है
इतना आसान भी नहीँ है
किसी का राज़ दार होना,
ख़ुद को भूलना पड़ता है
किसी को याद आने के लिये.........४
इतना आसान भी नहीँ है
इतना आसान भी नहीँ है
किसी के हिज्र का निशाँ होना,
खुद भी डूबना पड़ता है
किसी की तनहाइयों का सबब होने के लिये........५
इतना आसान भी नहीँ है
इतना आसान भी नहीँ है
किसी के इश्क़ का गुमान होना,
खुद की ख़्वाहिशें मिटती हैँ
किसी की हसरतें बनने के लिये.........६
इतना आसान भी नहीँ है
इतना आसान भी नहीँ है
किसी के चेहरे का आब होना,
रंज भूलने पड़ते हैँ
किसी की नजरों का गुलाब होने के लिये........७
इतना आसान भी नहीँ है
इतना आसान भी नहीँ है
किसी के हुस्न का मुराद होना,
ख़ुद को ख़ाक होना पड़ता है
किसी के ख़्वाब जीने के लिये..........८
इतना आसान भी नहीँ है
इतना आसान भी नहीँ है
किसी की आदतों में शामिल होना,
ख़ुद को अत्फ़ देने पड़ते हैँ
किसी के क़ातिब-ए-सुकूँ होने के लिये.......९
इतना आसान भी नहीँ है
किसी के बिन बसर करना,
हर रोज थोड़ा मरना पड़ता है
किसी के सँग जिन्दगी जीने के लिये.........१०
Comments
Post a Comment